उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड

श्रम विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार

अध्याय VI

कार्य समय, कल्याणकारी उपाय एवं संनिर्माण श्रमिकों की सेवा की अन्य शर्तें


28. सामान्य कार्य दिवस, के लिए समय नियत करना आदि- (1) समुचित सरकार, नियम द्वारा-
(a) किसी भवन संनिर्माण श्रमिक के लिए एक या अधिक निर्दिष्ट अंतराल का समावेश करते हुए सामान्य कार्य दिवस में काम के घंटों को नियत करेगीय
(b) प्रत्येक सात दिनों की अवधि में आराम के लिए एक दिन प्रदान करेगी जो सभी संनिर्माण श्रमिकों के लिए अनुमन्य होगा और आराम के ऐसे दिनों के संबंध में पारिश्रमिक का भुगतान अनुमन्य होगाय
(c) आराम के दिन के काम के भुगतान के लिए प्रावधान करेगी जो धारा 29 में निर्दिष्ट ओवरटाइम दर से कम नहीं होगा।


(2) उप-धारा (1) के प्रावधान, संनिर्माण श्रमिकों के निम्न वर्गों के संबंध में, केवल उसी सीमा तक लागू होगें, और ऐसी परिस्थितियों के अधीन होगें, जैसा कि विहित किया जा सकेगा, अर्थात्ः-
(a) तात्कालिक कार्य में संलग्न व्यक्ति, या किसी आपात स्थिति में जिसका अनुमानित या रोका नहीं जा सकता था;
(b) प्रारंभिक या पूरक काम की प्रकृति में एक काम में लगे व्यक्ति जो आवश्यक रूप से नियम में विहित कार्य के सामान्य घंटों के बाद ही किया जा सकता है;
(c) किसी भी ऐसे काम में संलग्न व्यक्ति जिसे तकनीकी कारणों से दिन की समाप्ति से पहले पूरा किया जाना है,
(d) किसी भी ऐसे काम में संलग्न व्यक्ति जिसे प्राकृतिक बलों की अनियमित कार्रवाई पर निर्भर समय के अतिरिक्त नहीं किया जा सकता है।


टिप्पणी

सरकार को, भवन श्रमिकों के लिए काम के घंटों की संख्या तय करने और प्रत्येक 7 दिनों की अवधि में आराम के लिए एक दिन प्रदान करने और ऐसे आराम के दिन पर कार्य के संबंध में पारिश्रमिक का भुगतान करने, आराम के दिन काम के लिए ओवरटाइम दर से अन्यून दर से भुगतान दिलाने का प्रावधान करने का अधिकार है।


29. ओवरटाइम कार्य के लिए वेतन- (1) जहां कहीं भी किसी भी भवन संनिर्माण श्रमिक को किसी भी दिन एक सामान्य कार्य दिवस के घंटों की संख्या से अधिक समय तक कार्य करने की आवश्यकता होती है, तो वह मजदूरी साधारण दर के दुगुने दर से मजदूरी पाने का हकदार होगा।


(2) इस धारा के प्रयोजन के लिए, ‘मजदूरी की सामान्य दर’ से आशय, मूल वेतन के साथ ऐसे भत्तों से है श्रमिक उस समय जिनका हकदार है, लेकिन इसमें कोई भी बोनस शामिल नहीं है।


टिप्पणी

यदि जहां कहीं भी किसी भी भवन संनिर्माण श्रमिक को किसी भी दिन एक सामान्य कार्य दिवस के घंटों की संख्या से अधिक समय तक कार्य करने की आवश्यकता होती है, तो वह मजदूरी साधारण दर के दुगुने दर से मजदूरी पाने का हकदार होगा।


30. रजिस्टर और अभिलेखों का रखरखाव- (1) प्रत्येक नियोक्ता उसके द्वारा नियोजित संनिर्माण श्रमिकों के ऐसे विवरण देते हुए ऐसे रजिस्टर व रिकॉर्ड रखेगा जिसमें, उनके द्वारा निष्पादित कार्य, काम के घंटों की संख्या जो उनके लिए एक सामान्य कार्य दिवस होगा, प्रत्येक सात दिनों की अवधि में आराम के दिन जिनकी उन्हें अनुमति है, उन्हें भुगतान की गई मजदूरी, उनके द्वारा प्रदत्त रसीदें और इस तरह के अन्य ब्यौरे जैसा कि विहित किया जा सकेगा।


(2) प्रत्येक नियोक्ता उस स्थान पर जहां ऐसे श्रमिकों को नियोजित किया जायेगा, विहित विवरण के साथ विहित प्रारूप में इस प्रकार सूचनाएं, प्रदर्शित करेगा जैसा कि विहित किया जा सकेगा।


(3) समुचित सरकार, नियम द्वारा, किसी प्रतिष्ठान में कार्यरत संनिर्माण श्रमिकों के लिए मजदूरी बही या मजदूरी पर्ची जारी करने का उपबंध कर सकेगी और नियोक्ता या उसके एजेंट द्वारा ऐसी मजदूरी बही या मजदूरी स्लिप में प्रविष्टि करने और प्रमाणीकृत करने का तरीका विहित कर सकेगी।


31. कुछ भवन संनिर्माण या अन्य संनिर्माण कार्य में कुछ लोगों के नियोजन पर प्रतिषेध- ऐसे किसी भी के संबंध में जिसके बारे नियोक्ता जानता है या उसके पास यह विश्वास करने का कारण है कि वह बहरा है या वह उसकी दृष्टि दोषपूर्ण है या उसमें चक्कर आने की प्रवृत्ति है को किसी ऐसे भवन या अन्य संनिर्माण कार्य में नियोजित नहीं किया जा सकेगा जिसमें या तो स्वयं श्रमिक को या किसी अन्य व्यक्ति को किसी दुर्घटना का जोखिम होने की संभावना हो।


टिप्पणी

कोई भी व्यक्ति जो बहरा है या उसकी दृष्टि दोषपूर्ण है या जिसमें चक्कर आने की प्रवृत्ति है को किसी ऐसे भवन या अन्य संनिर्माण कार्य में नियोजित नहीं किया जा सकेगा जिसमें या तो स्वयं श्रमिक को या किसी अन्य व्यक्ति को किसी दुर्घटना का जोखिम होने की संभावना हो।


32. पेय जल - (1) नियोक्ता प्रत्येक स्थान पर जहां भवन या अन्य संनिर्माण कार्य प्रगति पर है वहां कार्यरत सभी व्यक्तियों के लिए उपयुक्त स्थान पर, पौष्टिक पीने के पानी की पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध कराने और अनुरक्षित करने की प्रभावी व्यवस्था में करेगा।


(2) ऐसे प्रत्येक स्थान पर वहां पर कार्यरत अधिकतर व्यक्तियों द्वारा समझी जाने वाली पठनीय भाषा में पेयजल चिह्नित करेगा और ऐसा स्थान किसी भी धोने की जगह, मूत्रालय या शौचालय के छह मीटर की दूरी के भीतर स्थित नहीं होगा।


33. शौचालयों व मूत्रालय - प्रत्येक स्थान पर जहां भवन या अन्य संनिर्माण कार्य किया जाता है, नियोक्ता इस प्रकार शौचालय व मूत्रालय की पर्याप्त व्यवस्था करेगा जैसा कि विहित किया जा सकेगा और वे ऐसे सुविधाजनक स्थान पर होने चाहिए जैसा कि संनिर्माण श्रमिकों के लिए ऐसे स्थान पर कार्य करते समय सुलभ हो सकेगा।
बशर्ते, ऐसे किसी स्थान पर अलग मूत्रालय प्रदान करना आवश्यक नहीं होगा जहां पचास से कम व्यक्ति कार्यरत हैं या जहां शौचालय एक जल जनित सीवेज प्रणाली से जुड़े हैं।


34. आवास- (1) नियोक्ता, बिना किसी प्रभार के तथा कार्य स्थल पर या जितना संभव हो सके उसके निकट सभी भवन श्रमिकों को रहने के लिए ऐसी अवधि के लिए अस्थायी आवास प्रदान करेगा जिस अवधि तक भवन संनिर्माण या अन्य संनिर्माण कार्य प्रगति पर रहेगा।
(2) उप-धारा (1) के तहत प्रदत्त अस्थायी आवास में खाना पकाने, नहाने, कपड़े धोने और शौचालय की सुविधा के लिए अलग से स्थान होगा।
(3) भवन संनिर्माण या अन्य संनिर्माण कार्य समाप्त होने के बाद, जितनी जल्दी संभव सकेगा, नियोक्ता, अपने खर्च पर, उप-धारा (1) के तहत आवश्यक रहने के आवास खाना पकाने के स्थान या संनिर्माण श्रमिकों को प्रदान की जाने वाली अन्य सुविधाओं के उद्देश्य से उसके द्वारा बनवाये गये अस्थायी ढांचे को हटायेगा या उसका विध्वंस करेगा, और जमीन को अच्छे स्तर व स्वच्छ हालत में बहाल करेगा।
(4) यदि किसी नियोक्ता को नगर निगम के बोर्ड या, अन्य स्थानीय प्राधिकारी द्वारा इस धारा के तहत संनिर्माण श्रमिकों के लिए अस्थायी, आवास उपलब्ध कराने के प्रयोजन के लिए कोई जमीन देता है, तो वह संनिर्माण कार्य की समाप्ति के बाद जितनी जल्दी संभव हो सकेगा, ऐसी जमीन का स्वामित्व उसी स्थित में लौटायेगा जैसा कि प्राप्त करते समय, उसकी थी।


35. शिशु गृह - (1) उस प्रत्येक स्थान पर जहां आमतौर पर पचास से अधिक महिला भवन श्रमिक कार्यरत हैं, वहां पर ऐसी महिला श्रमिकों के छह वर्ष से कम आयु के बच्चों के इस्तेमाल के लिए उपयुक्त कमरे या कमरों की व्यवस्था व अनुरक्षण किया जायेगा।
(2) इस तरह के कमरे निम्न शर्तें पूरी करेगें -
(a) पर्याप्त आवास उपलब्ध करानाः
(b) पर्याप्त रूप से रोशनी युक्त और हवादार होना
(c) साफ व अरोग्य की स्थिति में अनुरक्षित होना;
(d) बच्चों और शिशुओं की देखभाल में प्रशिक्षित महिलाओं के देखरेख के तहत होना


36. प्राथमिक चिकित्सा - प्रत्येक नियोक्ता, सभी स्थानों पर जहां भवन या अन्य संनिर्माण कार्य किया जा रहा है, ऐसी प्राथमिक चिकित्सा सुविधायें उपलब्ध करायेंगा जैसा कि विहित किया जा सकेगा।


37. कैंटीन, आदि- -समुचित सरकार, नियम द्वारा नियोक्ता के लिए निम्नलिखित को आवश्यक बना सकती है-
(a) प्रत्येक स्थान पर जहां दो सौ और पचास से अन्यून श्रमिक आमतौर पर नियोजित हैं, श्रमिकों के इस्तेमाल के लिए एक कैंटीन का प्रावधान व अनुरक्षणय
(b) भवन संनिर्माण श्रमिकों के हित में इस तरह के अन्य कल्याणकारी उपाय का उपबंध जैसा कि विहित किया जा सकेगा।


पेज 7 | 8 | 9 कुल 12