उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड

श्रम विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार

अध्याय II

सलाहकार समितियां और विशेषज्ञ समितियां

3. केंद्रीय सलाहकार समिति. -

(1)केन्द्र सरकार, जितनी जल्दी संभव हो सके, इस अधिनियम के प्रशासन से उत्पन्न होने वाले इस तरह के मामलों पर या अन्य मामले जो उसे संदर्भित किए जा सकते हैं, पर केंद्र सरकार को सलाह देने के लिए एक समिति का गठन करेगी जिसे केंद्रीय भवन एवं संनिर्माण श्रमिक सलाहकार समिति (जिसे इसके पश्चात केंद्रीय सलाहकार समिति कहा गया है) कहा जायेगा।

(2) केन्द्रीय सलाहकार समिति में निम्नलिखित शामिल होगें-

  • एक अध्यक्ष, जो केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किया जायेगा;
  • संसद के तीन सदस्य जिसमें से दो लोक सभा द्वारा निर्वाचित और एक राज्य सभा द्वारा निर्वाचित किए जाएगें;
  • महानिदेशकः पदेन सदस्य
  • ऐसी संख्या में अन्य सदस्य जो तेरह से अनधिक परंतु नौ से कम नहीं होगें, जैसा कि केन्द्र सरकार नियोक्ताओं, भवन संनिर्माण कर्मकारों, वास्तुकार संगठनों, इंजीनियरों, दुर्घटना बीमा संस्थानों और किसी भी अन्य हितधारकों के संघों, का प्रतिनिधित्व करने के लिए नामित कर सकेगी, जिनका प्रतिनिधित्व केन्द्र सरकार की राय में केन्द्रीय सलाहकार समिति में होना चाहिए।

(3) उपबंध (d) की उपधारा (2) में निर्दिष्ट श्रेणियों में से प्रत्येक से केंद्रीय सलाहकार समिति के सदस्य के रूप में नियुक्त किए जाने वाले व्यक्तियों की संख्या, कार्यालय की अवधि और उनके कार्यों के निर्वहन में सेवा की अन्य शर्तें व पालन की जाने वाली प्रक्रिया और उनमें से रिक्त पदों को भरने का तरीका वही होगा जैसा कि विहित किया जा सकेगा;
अन्य बातों के होते हुए, संनिर्माण श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्यों की संख्या नियोक्ताओं का प्रतिनिधित्व करने के लिए मनोनीत सदस्यों की संख्या से कम नहीं होगी।


(4) एतद्द्वारा यह घोषित किया जाता है कि केंद्रीय सलाहकार समिति के सदस्य का पद, संसद के किसी भी सदन का सदस्य होने के लिए या चुने जाने के लिए पद धारक को अयोग्य घोषित नहीं करेगा।


टिप्पणी
केन्द्र सरकार को केन्द्रीय भवन एवं अन्य संनिर्माण श्रमिक सलाहकार समिति का गठन करने का अधिकार दिया गया है। समिति में एक अध्यक्ष, तीन संसद सदस्य, निरीक्षण महानिदेशक, नियोक्ताओं, भवन संनिर्माण कर्मकारों, वास्तुकार संगठनों, इंजीनियरों, दुर्घटना बीमा संस्थानों और किसी भी अन्य हितधारकों के संघों, का प्रतिनिधित्व करने के लिए सरकार द्वारा नामित तेरह से अनधिक परंतु न्यूनतम नौ व्यक्ति शामिल होते हैं।

4. राज्य सलाहकार समिति-


(1) राज्य सरकार, इस अधिनियम के प्रशासन से उत्पन्न होने वाले इस तरह के मामलों पर या अन्य मामले जो उसे संदर्भित किए जा सकते हैं, पर राज्य सरकार को सलाह देने के लिए एक समिति का गठन करेगी जिसे राज्य भवन एवं संनिर्माण श्रमिक सलाहकार समिति ;जिसे इसके पश्चात राज्य सलाहकार समिति कहा गया हैद्ध कहा जायेगा।


(2) राज्य सलाहकार समिति निम्नलिखित से मिलकर बनेगी-


  • अध्यक्ष जो राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किया जायेगा;
  • राज्य विधानमंडल के सदस्यों से निर्वाचित राज्य विधानसभा के दो सदस्यः सदस्य
  • केंद्र सरकार द्वारा नामित एक सदस्य;
  • मुख्य निरीक्षकः पदेन सदस्य;
  • ऐसी संख्या में अन्य सदस्य जो ग्यारह से अनधिक परंतु सात से कम नहीं होगें, जैसा कि राज्य सरकार नियोजकों, भवन कर्मकारों, वास्तुविदों के संगठनों, इंजीनियरों और दुर्घटना बीमा संस्था या अन्य हितधारकों का प्रतिनिधित्व करने के लिए जिनका नाम निर्देशन राज्य सरकार करेगी या राज्य सरकार की राय में जिनका प्रतिनिधित्व राज्य सलाहकार समिति में होना चाहिए।

(3) उपबंध (d) की उपधारा (2) में निर्दिष्ट श्रेणियों में से प्रत्येक से केंद्रीय सलाहकार समिति के सदस्य के रूप में नियुक्त किए जाने वाले व्यक्तियों की संख्या, कार्यालय की अवधि और उनके कार्यों के निर्वहन में सेवा की अन्य शर्तें व पालन की जाने वाली प्रक्रिया और उनमें से रिक्त पदों को भरने का तरीका वही होगा जैसा कि विहित किया जा सकेगा;


अन्य बातों के होते हुए, संनिर्माण श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्यों की संख्या नियोक्ताओं का प्रतिनिधित्व करने के लिए मनोनीत सदस्यों की संख्या से कम नहीं होगी।

टिप्पणी
राज्य सरकार को राज्य भवन एवं अन्य संनिर्माण श्रमिक सलाहकार समिति का गठन करने का अधिकार दिया गया है। समिति में एक अध्यक्ष, दो विधानसभा सदस्य, केंद्र सरकार द्वारा नामित एक सदस्य, निरीक्षण महानिरीक्षक, नियोक्ताओं, भवन संनिर्माण कर्मकारों, वास्तुकार संगठनों, इंजीनियरों, दुर्घटना बीमा संस्थानों व किसी भी अन्य हितधारकों के संघों का प्रतिनिधित्व करने के लिए सरकार द्वारा नामित ग्यारह से अनधिक परंतु न्यूनतम सात व्यक्ति शामिल होते हैं।


5. विशेषज्ञ समितियां-

(1) समुचित सरकार, इस अधिनियम के तहत नियम बनाने के लिए सरकार को सलाह देने हेतु भवन व अन्य संनिर्माण कार्य में विशेष रूप से योग्य व्यक्तियों को मिलाकर एक या एक से अधिक विशेषज्ञ समितियों का गठन कर सकती है।


(2) विशेषज्ञ समिति के सदस्यों को समिति की बैठकों में भाग लेने के लिए विहित फीस और भत्ते का भुगतान किया जाएगाः


बशर्ते, ऐसे सदस्य को कोई शुल्क या भत्ता देय नहीं होगा जो सरकार का कोई अधिकारी है या तत्समय प्रवृत्त किसी कानून के तहत स्थापित कोई भी निगमित निकाय है।

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