उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड

श्रम विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार

उद्देश्य

प्रायः देखा जाता है कि निर्माण–श्रमिकों के बच्चे अपने माता–पिता के साथ कार्य स्थल पर ही रहते है। माता–पिता की गरीबी तथा साधनहीनता के कारण ऐसे बच्चे किसी विद्याललय में प्रवेश नही ले पाते है अथवा प्रवेश लेने के बाद अपनी शिक्षा जारी नही रख पाते है। निर्माण–श्रमिकों के ऐसे बच्चो के लिए आवासीय विद्याजलय प्रारम्भ किये जाने की आवश्यकता अनुभवन करते हुए आवासीय विद्याालय योजना प्रस्तावित की गयी है। योजना का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण–श्रमिकों के 06 से 14 वर्ष तक की आयु वर्ग के बच्चों को प्राथमिक‚ जूनियर हाईस्कूल एवं माध्यमिक शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराते हुए उन्हें गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान करना है।


पात्रता

उ०प्र० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (विनियमन एवं सेवाशर्तें) अधिनियम 1996 की धारा 12 के अन्तर्गत लाभार्थी के रूप में पंजीकृत सभी निर्माण–श्रमिकों के ऐसे पुत्र⁄पुत्रियां‚ जिनकी आयु 06 से 14 वर्ष के मध्य है‚ आवासीय विद्याीलयों में प्रवेश पाने के पात्र होंगे।

हितलाभ एवं प्रक्रिया

पंजीकृत सभी निर्माण–श्रमिकों के ऐसे पुत्र⁄पुत्रियों‚ जिनकी आयु 06 से 14 वर्ष के मध्य हैं‚ आवासीय विद्याथलयों में निशुल्क शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं।

योजना का क्षेत्र

प्रारम्भ में जनपद इटावा, भदोही, कन्नौज, मुरादाबाद, फिरोजाबाद, ललितपुर, बहराइच, गाजियाबाद, कानपुर, आजमगढ़, आगरा एवं मेरठ में आवासीय विद्यालय योजना का संचालन किया जायेगा। बाद में प्राप्त अनुभवों एवं आवष्यकता के आधार पर अध्यक्ष, बोर्ड के अनुमोदन से इस योजना का विस्तार अन्य जनपदों में भी किया जायेगा।

रुपरेखा/क्रियान्वयन

योजना का संचालन महिला समाख्या/गैर सरकारी/स्वैच्छिक संस्थाओं के माध्यम से कराया जायेगा। कक्षा 5 तक की षिक्षा 2 वर्ष के ब्रिज कोर्स के रूप में होगी। कक्षा 6 से कक्षा 8 तक की षिक्षा 3 वर्ष की होगी। अग्रेतर कक्षाओं अर्थात कक्षा 9 से 12 तक की षिक्षा देने के लिये, अनुभव के आधार पर, कालान्तर में तत्समय अलग से योजना बनायी जायेगी। योजना के अन्तर्गत विद्यालय पूर्णतः आवासीय यथावष्यक अलग-अलग या फिर सह-षिक्षा के आधार पर संचालित होंगे। विद्यालय में बेसिक षिक्षा परिषद/सी0बी0एस0ई0 /आई0सी0एस0ई0-जो भी उ0प्र0 भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा निर्धारित किया जायेगा-द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार षिक्षा दी जायेगी।
प्रत्येक विद्यालय में 4 पूर्णकालिक अध्यापक, 3 अंषकालिक अध्यापक, 1 वार्डेन, 1 लेखाकार, 4 चैकीदार/चपरासी, 1 मुख्य रसोईया एवं 1 सहायक रसोईया नियोजित होंगे। प्रत्येक आवासीय विद्यालय कम से कम 5 कक्ष होंगे, जिनमें से 1 कक्ष अध्यापकों के लिए, 1 कक्ष कार्यालय के लिये तथा 3 कक्ष बच्चों की षिक्षा के उपयोग के लिये होंगे। प्रथम दो कक्ष 15ग्20 वर्ग फीट क्षेत्रफल के तथा शेष 3 कक्ष 25ग्25 वर्ग फीट क्षेत्रफल के होंगे। प्रत्येक विद्यालय में कम से कम 03 शौचालय, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था तथा बिजली कनेक्षन का होना आवष्यक है।
आवासीय विद्यालय में छात्र एवं छात्राओं के लिये पृथक-पृथक छात्रावास की व्यवस्था होगी। ऐसे प्रत्येक आवास/कक्ष/डारमेट्री कम से कम 2000 वर्गफीट क्षेत्रफल का होगा। छात्र/छात्राओं के लिए कम से कम 3-3 पृथक-पृथक शौचालय एवं स्नानगृह होंगे। प्रत्येक छात्रावास में 1 किचन होगा तथा कम से कम 1000 वर्गफीट क्षेत्रफल का भोजनालय-कक्ष होगा। छात्रावास में कम से कम 15ग्20 वर्ग फीट का एक कक्ष वार्डेन के लिए होगा। आवासीय विद्यालयों के छात्र एवं छात्राओं को प्रतिदिन प्रातःकाल नाष्ता, मध्याहृन भोजन, सांयकालीन चाय तथा रात्रिकालीन भोजन (डिनर) दिया जायेगा। मीनू का निर्धारण बोर्ड द्वारा किया जायेगा। छात्रावास में स्वच्छ पेयजल, खेल-कूद एवं मनोरंजन की पर्याप्त व्यवस्था की जायेगी।
विद्यालय के संचालन हेतु समस्त शै़क्षणिक एवं अषैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति बोर्ड द्वारा नामित संस्था (विद्याालय संचालन हेतु) द्वारा की जायेगी। ऐसे विद्यालयों की मान्यता सम्बन्धी कार्यवाही भी सम्बन्धित संस्था द्वारा की जायेगी। छात्रावास में भोजन सुरक्षा, साफ-सफाई आदि का दायित्व भी सम्बन्धित संस्था का होगा। विद्यालय के संचालन हेतु सम्बन्धित संस्था के चयन के उपरान्त चयनित संस्था एवं सचिव, बोर्ड के मध्य सहमति पत्र हस्ताक्षरित किया जायेगा, जिसके अंतर्गत आवासीय विद्यालय संचालन की शर्तें, भुगतान की प्रक्रिया आदि निर्धारित की जायेगी। आवासीय विद्यालय के संचालन का बजट कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय के आधार पर होगा।
अधिसूचना
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