उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड

श्रम विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार

  • मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना

  • संत रविदास शिक्षा सहायता योजना

  • मेधावी छात्र पुरस्कार योजना

  • आवासीय विद्यालय योजना

  • कौशल विकास, तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना

  • सौर उर्जा सहायता योजना

  • कन्या विवाह अनुदान योजना

  • आवास सहायता योजना

  • शौचालय सहायता योजना

  • चिकित्सा सुविधा योजना

  • आपदा राहत सहायता योजना

  • महात्मा गाँधी पेन्शन योजना

  • गम्भीर बीमारी सहायता योजना

  • मृत्यु, विकलांगता सहायता एवं अक्षमता पेंशन योजना

  • अन्त्येष्टि सहायता योजना

  • प0 दीनदयाल उपाध्याय चेतना योजना

Tab 3

1. मातृत्व एवं शिशु योजना का हितलाभ श्रमिक के प्रथम दो प्रसवों तक सीमित।
2. मातृत्व हितलाभ महिला श्रमिक की दशा में संस्थागत प्रसव में ही देय।
3. बालिका मदद योजना का लाभ पहली कन्या सन्तान एवं दूसरी सन्तान भी बालिका होने पर हितलाभ देय। निःसन्तान दमपत्ति में कानूनी रूप से गोद ली गयी बालिका को भी देय।
1. अद्यतन पंजीयन
2. राजकीय अस्पताल में संस्थागत प्रसव/गर्भपात/नसबन्दी होने सम्बन्धी प्रमाण-पत्र
3. आन-लाइन जारी जन्म प्रमाण-पत्र
4. वैधानिक गोदनामा
5. परिवार रजिस्टर, आधार कार्ड तथा बैंक पासबुक की छायाप्रति
1. मातृत्व हितलाभ में पंजीकृत पुरूष कामगारों को रू0- 6,000/- एकमुश्त देय।
2. महिला कर्मकार को संस्थागत प्रसव की स्थिति में 3 माह के न्यूनतम वेतन के समतुल्य धनराशि तथा रू. 1,000/- चिकित्सा बोनस के रूप में देय होगा।
3. महिला श्रमिक को गर्भपात होने की दशा में 06 सप्ताह के समतुल्य तथा नसबन्दी कराये जाने पर 02 सप्ताह के समतुल्य न्यूनतम वेतन।
4. शिशु के पुत्र होने की दशा में एकमुश्त रू0 20,000 तथा पुत्री होने पर रू0 25,000 प्रति शिशु की दर से देय होगा।
5. परिवार में पहली सन्तान बालिका होने अथवा दूसरी सन्तान के भी बालिका होने की दशा अथवा कानूनी रूप से गोद ली गयी बालिका की दशा में रू0 25,000 की सावधि जमा। जन्म से दिव्याॅंग बालिका की दशा में रू0 50,000 की सावधि जमा। परिपक्वता राशि बालिका के 18 वर्ष की आयु तक अविवाहित रहने की दशा में ही देय होगी। शर्त पूर्ण न होने पर कोई भी राशि देय नहीं।

Tab 4

1. इस योजना का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के 25 वर्ष से कम आयु के अधिकतम दो बालक /बालिकाओं को कक्षा 1 से प्रारंभ कर उच्चतर शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति सहायता हेतु प्रदान किया जाना है।
2. केवल प्रदेश के मूल निवासियों को ही देय है।
1. अद्यतन पंजीकृत होने का प्रमाण
2. उ0प्र0 का मूल निवासी होने सम्बन्धी निवास प्रमाण पत्र
3. बालक/बालिका के आयु/जन्म तिथि सम्बन्धी प्रमाण-पत्र की छायाप्रति
4. बालक/बालिका के वर्तमान कक्षा में न्यूनतम 50 प्रतिशत की उपस्थिति सम्बन्धी शिक्षा संस्थान के प्रधानाचार्य/सक्षम अधिकारी का प्रमाण-पत्र
5. पाॅलीटेक्निक/आई0टी0आई0/इंजीनियरिंग कालेजों/मेडिकल पाठ्यक्रमों/प्रबन्धन कालेजों में प्रवेश के प्रमाण सम्बन्धी प्रवेश कार्ड तथा जमा किये गये शुल्क की रसीद की छायाप्रति।
6. व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में राष्ट्रीय/राज्य स्तर की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर प्रवेश प्राप्त करने के सम्बन्ध में सम्बन्धित संस्थान के प्रधानाचार्य/सक्षम अधिकारी का प्रमाण-पत्र।
7. पंजीकृत श्रमिक के आधार कार्ड तथा बैंक पासबुक की छायाप्रति।
1. केवल दो बच्चों तक ही हितलाभ देय।
2. कक्षा 1 से 5 तक रू0 150/- प्रतिमाह, 6 से 10 तक रू0 200/- प्रतिमाह, कक्षा 11 व 12 रू0 250/- प्रतिमाह देय।
3. आई0 टी0आई0 अथवा समकक्ष प्रशिक्षण हेतु सरकारी शुल्क के समतुल्य। स्नातक हेतु रू0 1000 तथा परास्तानक हेतु रू0 2000 इंजीनियरिंग/मेडिकल परास्नातक हेतु रू0 8000/- प्रतिमाह। अनुसंधान हेतु रू0 12,000 देय।
4. कक्षा-10 एवं 12 उत्तीर्ण बालिकाओं को साईकिल देय।

Tab 5

सभी पंजीकृत कर्मकार पात्र होंगे जिनके पुत्र एवं पुत्रियों ने कक्षा 05 से 09 तक 55 प्रतिशत या उससे अधिक अंकों तथा कक्षा 10 से 12 तक 50 प्रतिशत या उससे अधिक, आई0टी0आई0 (व्यावसायिक प्रशिक्षण)/ बी0ए0/बी0काॅम/बी0एस0सी0, एम0ए0/ एम0काॅम/ एम0एस0सी, एल0एल0बी0 तक 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किये हैं तथा पाॅलीटेक्निक डिप्लोमा, इंजीनियरिंग/मेडिकल डिग्री हेतु राष्ट्रीय अथवा राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा के उपरान्त प्रवेश लिया गया है।
1. अद्यतन पंजीकृत श्रमिक
2. गत वर्ष उत्तीर्ण की गयी परीक्षा की अंकतालिका की सत्यापित छायाप्रति व प्रधानाचार्य का प्रमाण।
3. वर्तमान में अगली कक्षा में प्रवेश लेने के सम्बन्ध में प्रधानाचार्य का प्रमाण पत्र।
4. बैंक खाते की पठनीय छायाप्रति।
5. तकनीकी कोर्स में अध्ययनरत रहने की दशा में प्रवेश का साक्ष्य एवं फीस जमा करने का साक्ष्य
1. अधिसूचना की तालिका के अनुसार निहित पुरस्कार की राशि। कक्षा-6 से प्रारभ।
2. वर्तमान कक्षा में अनुत्तीर्ण होने की दशा में दूसरी किस्त की धनराशि का भुगतान नहीं किया जायेगा।

Tab 6

1. इस योजना का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के 06 से 14 वर्ष तक की आयु वर्ग के बच्चों को प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूल एवं माध्यमिक शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराते हुए उन्हें गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान करना है।
2. पंजीकृत सभी निर्माण श्रमिकों के ऐसे पुत्र/पुत्रियां, जिनकी आयु 06 से 14 वर्ष के मध्य हैं, आवासीय विद्यालयों में प्रवेश पाने के पात्र होंगे।
1. पंजीयन प्रमाण-पत्र की छायाप्रति
2. अद्यतन अंशदान जमा होने का साक्ष्य
1. पंजीकृत सभी निर्माण श्रमिकों के ऐसे पुत्र/पुत्रियां, जिनकी आयु 06 से 14 वर्ष के मध्य हैं, हेतु निःशुुल्क आवासीय शिक्षा।
2. निःशुल्क आवास, वस्त्र, भोजन एवं अन्य सुविधायें उपलब्ध।
3. प्रदेश के 12 जनपदों में संचालित।
4. अटल आवायीय विद्यालयों के प्रारम्भ होने के उपरान्त उनमें विलय।

Tab 7

1. आवेदक स्वयं अथवा उसका पति/पत्नी/ पिता पंजीकृत निर्माण श्रमिक हो तथा उसका अंशदान अद्यतन जमा हो।
2. यदि पंजीकृत श्रमिक स्वयं प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहता है, तो उसकी आयु 18-35 के मध्य हो।
3. आश्रितों के सन्दर्भ में उसकी पत्नी की कोई आयु सीमा नियत नहीं है। अविवाहित पुत्री की कोई अधिकतम आयु सीमा नियत नहीं है। आश्रित पुत्र की अधिकतम आयु 21 वर्ष है।
1. पंजीयन प्रमाण-पत्र की छायाप्रति
2. अद्यतन अंशदान जमा होने का साक्ष्य
3. जिस विधा में प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहते हैं, उससे सम्बन्धित आवेदन पत्र।
वर्तमान समय में उ0प्र0 कौशल विकास मिशन के माध्यम से प्रशिक्षण कराया जा रहा है।
1. उ0प्र0 कौशल विकास मिशन द्वारा निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा।
2. पंजीकृत श्रमिक द्वारा स्वयं प्रशिक्षण प्राप्त करने की दशा में अकुशल श्रमिक का न्यूनतम वेतन के समतुल्य धनराशि की प्रतिपूर्ति की जायेगी।
3. प्रशिक्षण के उपरान्त मूल्याॅंकन परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी।

Tab 8

1. आवेदक बोर्ड में पंजीकृत श्रमिक हो तथा उसका अंशदान अद्यतन जमा हो।
2. आवेदक के परिवार में केवल एक व्यक्ति को ही मात्र एक बार ही दी जायेगी।
3. जिन आवेदकों के बच्चे कक्षा 9-12 के मध्य अध्धयनरत हों, उन्हें वरीयता दी जायेगी।
1. पंजीयन प्रमाण-पत्र
2. अद्यतन जमा अंशदान का साक्ष्य
3. विद्युत संयोजन न होने का घोषणा पत्र
4. रू0 250 श्रमिक का अतिरिक्त अंशदान आन-लाइन जमा होगा
5. वांछित वरीयता के अभिलेख।
6. सीमित आपूर्ति के कारण वरिष्ठता के आधार पर स्थापित की जायेगी।
1. पंजीकृत निर्माण श्रमिक के स्थायी आवास पर स्थापित की जायेगी।
2. योजना के अन्तर्गत 02 एल0ई0डी0 बल्ब, 01 डी0सी0 टेबल फैन, 01 सोजर पैनल, चार्जिंग कन्ट्रोलर, 01 मोबाइल चार्जर स्थापित किया जाना है।
3. आपूर्ति किये गये संयंत्र पर 05 वर्ष की गारण्टी होगी।
4. संयत्र का चयन/ निविदा प्रक्रिया बोर्ड स्तर पर लम्बित

Tab 9

1. पंजीकृत श्रमिक जिसका अंशदान अद्यतन जमा हो।
2. पंजीयन की न्यूनतम समयावधि 100 दिन पूर्ण हो चुकी हो।
3. कन्या की न्यूनतम आयु 18 वर्ष हो तथा वर की न्यूनतम आयु 21 वर्ष पूर्ण हो।
4. महिला पंजीकृत श्रमिक के स्वयं के विवाह के प्रकरण में भी उपर्युक्त।
1. पंजीयन प्रमाण-पत्र
2. अद्यतन जमा अंशदान का साक्ष्य
3. विवाह का प्रमाणित निमन्त्रण पत्र
4. कन्या एवं वर का आयु प्रमाण सम्बन्धी अभिलेख
5. घोषणा-पत्र
6. परिवार रजिस्टर की प्रति
1. पंजीकृत श्रमिक की अविवाहित पुत्री/पंजीकृत महिना श्रमिक के स्वयं के विवाह के सन्दर्भ में स्वजातीय विवाह में रू0-55,000/- प्रति पुत्री तथा अन्र्तजातीय विवाह की स्थिति में रू0 61,000 की अनुदान धनराशि।
2. कम से कम 11 जोडे़ के सामूहिक विवाह की दशा में अनुदान राशि रू0 65,000 तथा प्रति जोड़े रू0 7,000 का आयोजन व्यय भी बोर्ड द्वारा वहन किया जायेगा। साथ ही वर-वधू प्रत्येक की पोशाक हेतु रू0 5000 प्रत्येक की दर से अग्रिम भुगतान।
3. विधवा विवाह एवं वैधानिक विवाह- विच्छेद के प्रकरणों में सामूहिक विवाह के समतुल्य देय धनराशि।

Tab 10

1. अद्यतन पंजीकृत श्रमिक।
2. श्रमिक अथवा उसके परिवार के पास पक्का रिहायशी मकान न हो तथा उसके पास मकान बनाने हेतु पर्याप्त भूमि उपलब्ध हो।
3. आवेदक अथवा उसके परिवार के किसी सदस्य को केन्द्र/ राज्य सरकार के किसी भी विभाग/ योजना के अन्तर्गत किसी आवासीय योजना का हितलाभ प्राप्त न हुआ हो।
4. आवेदक का पंजीयन 05 वर्ष पुराना हो तथा उसकी अधिकतम आयु 55 वर्ष हो।
5. सम्पूर्ण जीवन में एकबार लाभ देय।
1. आवेदन पत्र 03 प्रतियों में।
2. अद्यतन पंजीकृत होने का प्रमाण-पत्र
3. आवेदक का स्थायी निवास प्रमाण पत्र
4. आवेदक के पास भूमि उपलब्ध होने का साक्ष्य
5. किसी भी अन्य योजना में आवासीय सुविधा का लाभ न प्राप्त होने तथा परिवार के पास पक्का मकान न होने के सम्बन्ध में घोषणा पत्र
6. आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक की प्रतिलिपि
1. इस योजना के अंतर्गत निर्धारित मानको के पूर्ण करने पर नया आवास बनाने अथवा क्रय करने हेतु रू0-1,00,000/- की धनराशि देय होगी।
2. रू0-15,000/- की धनराशि पूर्व में उपलब्ध आवास की मरम्मत करने हेतु अनुदान के रूप में प्रदान की जायेगी।
3. एक ही लाभार्थी को एक साथ दोनों लाभ देय नहीं।
4. योजना प्रधानमन्त्री आवास योजना के मानकों के अनुरूप।

Tab 11

1. अद्यतन पंजीकृत श्रमिक
2. ऐसे पंजीकृत निर्माण श्रमिक जिनके अपने आवास हैं कितु उनमें शौचालय की सुविधा नहीं है और उसे किसी अन्य सरकारी योजना में इस प्रकार का लाभ प्राप्त न हुआ हो।
3. परिवार ‘‘एक ईकाई’’ के रूप में लिया जायेगा।
4. लाभार्थी के पास आधार पंजीयन एव राश्ट्रीकृत बैंक में सी0बी0एस0 ब्रान्च में एकाउन्ट होना अनिवार्य है।
1. अद्यतन पंजीकृत होने का प्रमाण-पत्र
2. किसी भी अन्य योजना में शौचालय निर्माण सुविधा का लाभ न प्राप्त होने तथा परिवार के पास पक्का मकान न होने के सम्बन्ध में घोषणा पत्र
3. आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक की प्रतिलिपि योजना का कार्यान्वयन जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से।
1. आवेदन करने पर रू0 12,000 की राशि 02 समान किस्तों में देय। प्रथम किस्त रू0 6,000 प्रोत्साहन अग्रिम के रूप में देय तथा दूसरी किस्त निर्माण पूर्ण होने तथा शौचालय का प्रयोग प्रारम्भ करने पर जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से देय।
2. श्रमिकों का चयन जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा पंजीकृत श्रमिकों की सूची में से बेसलाइन सर्वें से मिलान करने के उपरान्त।
3. भुगतान लाभार्थी के बैंक खातों में जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा हस्तान्रित किया जायेगा।

Tab 12

निर्माण श्रमिक के रूप बोर्ड में पंजीकृत हो तथा अद्यतन अंशदान जमा हो।
1. पंजीयन प्रमाण-पत्र की प्रति
2. अद्यतन जमा अंशदान का साक्ष्य
3. आधार कार्ड।
4. बैंक पासबुक की छाया प्रति
1. योजना के अन्तर्गत विवाहित निर्माण श्रमिक को प्रत्येक वर्ष रू0- 3000/- तथा अविवाहित निर्माण श्रमिक को रू0 2000/- की धनराशि उसके बैंक खाते में सीधे बोर्ड द्वारा स्वीकृति होगी।
2. पति अथवा पत्नी में से एक को ही हितलाभ देय होगा।

Tab 13

1. अद्यतन रूप से पंजीकृत श्रमिक।
2. कोविड-19 को दृष्टिगत रखते हुये बनायी गयी योजना।
1. पूर्णतया पेपर-लेस स्कीम।
2. कोई आवेदन पत्र वांछित नहीं।
3. डाटाबेस में आधार संख्या तथा बैंक खाते का विवरण उपलब्ध होना
अद्यतन पंजीकृत निर्माण श्रमिक को एकमुश्त रू0 1000/- की धनराशि वार्षिक/अर्द्धवार्षिक/त्रैमासिक/ मासिक के रूप में, जैसा कि केन्द्र/राज्य सरकार अथवा बोर्ड द्वारा विहित किया जाये, आर्थिक सहायता के रूप में बैंक खातों में देय होगी।

Tab 14

1. उ0प्र0 में स्थायी रूप से निवास कर रहे 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके अद्यतन पंजीकृत श्रमिक।
2. पंजीयन की न्यूनतम अवधि 10 वर्ष हो।
3. लाभार्थी को केन्द्र/ राज्य सरकार के किसी भी विभाग द्वारा संचालित किसी भी पेन्शन योजना (राज्य कर्मचारी बीमा निगम तथा म्च्थ्व् को छोड़कर) का लाभ प्राप्त न हो रहा हो।
पेंशन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा स्वीकृत की जायेगी तथा सीधे बोर्ड द्वारा भुगतान होगा।
1. 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने तक अद्यतन अंशदान जमा किये जाने का साक्ष्य।
2. आधार कार्ड, बैंक पास बुक व निवास प्रमाण-पत्र की पठनीय छायाप्रति।
3. केन्द्र/राज्य सरकार के किसी भी विभाग से पेन्शन प्राप्त न किये जाने के सन्दर्भ में शपथ-पत्र
4. प्रतिवर्ष माह अप्रैल में जीवित प्रमाण पत्र देय होगा।
5. पेंशनधारक की मृत्यु की दशा में उसके परिवारीजनों को 01 माह के अन्दर जिला श्रम कार्यालय को सूचित करना होगा।
1. प्रत्येक पात्र श्रमिक को प्रतिमाह की दर से 1,000/- की धनराशि देय है।
2. लाभार्थी श्रमिक की मृत्यु होने की दशा में पेन्शन की धनराशि उसकी पत्नी/ पति, जैसी भी स्थिति हो, को देय होगी।
3. पेन्शन राशि में प्रत्येक 02 वर्ष बाद रू0-50 की वृद्धि, जो अधिकतम रू0-1250 तक होगी।
4. प्रधानमंत्री श्रम-योगी मानधन योजना में पंजीकृत श्रमिकों के अंशदान का वहन बोर्ड द्वारा किया जायेगा।

Tab 15

1. अद्यतन पंजीकृत श्रमिक।
2. ऐसे श्रमिक जो प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना एवं मुख्यमन्त्री जन-आरोग्य योजना में हितलाभ हेतु पात्र नहीं हैं।
4. योजना में पंजीकृत श्रमिक तथा उसकी पति/ पत्नी, अविवाहित पुत्रियाॅं एवं 21 वर्ष से कम आयु के पुत्र सम्मिलित हैं।
1. अद्यतन पंजीकृत होने का साक्ष्य
2. बीमारी से सम्बन्धित अभिलेख
3. नियत प्रारूप पर चिकित्सक का प्रमाण पत्र
4. दवाईयों के क्रय पर मूल बिल
5. अविाहित पुत्री या 21 वर्ष से कम आयु का पुत्र होने पर आश्रित होने का प्रमाण-पत्र।
1. सरकारी/ स्वायत्तशासी चिकित्सालयों अथवा SACHIS के इम्पैनल्ड चिकित्सालयों में अलाज कराने पर आयुष्मान भरत योजना में देय हितलाभ के समतुल्य राशि पूर्ण प्रतिपूर्ति।
2. चिकित्सा/शल्यक्रिया में चिकित्सालय द्वारा इलाज का इस्टीमेट दिये जाने पर चिकित्सालय को अग्रिम राशि का भी भुगतान किया जा सकता है।
3. कोई अधिकतम राशि नियत नहीं।

Tab 16

1. अद्यतन पंजीकृत श्रमिक
2. पेन्शन हेतु श्रमिक कर्मचारी राज्य बीमा निगम से पेंशन प्राप्त करने हेतु अपात्र हो।
3. पूर्ण स्थायी अक्षमता 50 प्रतिशत अथवा उससे अधिक हो।
1. अद्यतन पंजीकृत होने का साक्ष्य।
2. मृत्यु प्रमाण-पत्र, दुर्घटना से मृत्यु के सन्दर्भ में प्रथम सूचना रिर्पोट, पोस्टमार्टम रिर्पोट की छायाप्रति
3. विकलाॅंगता के प्रकरणों में मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा निर्गत विकलाॅंगता/ अक्षमता प्रमाण-पत्र की प्रति, प्रथम सूचना रिर्पोट की प्रति।
1. कार्यस्थल पर या अन्यत्र दुर्घटना के फलस्वरूप मृत्यु होने पर रू0- 5,00,000/- की धन राशि। इसमें से 01 लाख खाते में भुगतान तथा शेष 04 लाख फ्क्सि डिपाजिट से देय।
2. कार्यस्थल पर दुर्घटना के कारण पूर्ण स्थायी विकलाँगता की दशा में रू0 03 लाख, स्थायी आॅशिक अपंगता में रू0 02 लाख देय।
3. कार्यस्थल से भिन्न पूर्णस्थायी विकलांगता अथवा सामान्य मृत्यु की दशा में रू0 02 लाख की धनराशि देय। अस्थायी आंशिक विकलाँगता की दशा में रू0 01 लाख देय।
4. अपंजीकृत श्रमिक के कार्यस्थल पर घटित दुर्घटना में मृत्यु होने पर रू0- 50,000 की आर्थिक सहायता राशि।
5. दुर्घटना या किसी बीमारी के कारण पूर्ण अक्षम होने पर जीवनकाल तक रू0 1500-1250-1000 की पेन्शन

Tab 17

जिस श्रमिक के सन्दर्भ में हित लाभ का दावा किया जा रहा, वह बोर्ड में पंजीकृत हो तथा उसका अंशदान मृत्यु की तिथि पर प्रभावी हो।
1. पंजीयन प्रमाण-पत्र की प्रति
2. अद्यतन जमा अंशदान का साक्ष्य
3. मृत्यु प्रमाण-पत्र की प्रति।
1. 1. योजना के अन्तर्गत रू0- 25,000 की धनराशि मृतक के आश्रितों को प्रदान की जाती है।

Tab 18

1. बोर्ड द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी निर्माण श्रमिकों एवं जनमानस को प्रदान करने के साथ श्रमिक पंजीयन, नवीनीकरण के सम्बन्ध में श्रमिकों को जागरूक करने हेतु भारत सरकार की माडल वेलफेयर स्कीम के अन्तर्गत बनायी गयी योजना।
2. निर्माण श्रमिकों के जागरूकता हेतु ऐसा आयोजन जो विशेष रूप से निर्माण श्रमिकों पर केन्द्रित होना चाहिए, जिसमें श्रम विभाग की पूर्ण सहभागिता हो तथा जिसमें जनपदस्तर पर श्रमिकों के पंजीयन एवं लाभ वितरण का कार्यक्रम आयोजित होना चाहिये, में सचिव, बोर्ड की पूर्व स्वीकृति के उपरान्त हुये व्यय की प्रतिपूर्ति का प्राविधान। आयोजनों में होने वाले व्यय की 25 प्रतिशत राशि अग्रिम भी दी जा सकती है।
3. प्रचार प्रसार हेतु एस0एम0एस0, वीडियो क्लिपिंग, वाल-राईटिंग, होर्डिंग्स, पम्फलेट, जागरूकता शिविर, नुक्कड़ नाटक आदि का आयोजन कराया जा सकता है।
4. जागरूकता अभियानों में किसी भी सरकारी अधिकारी/जन प्रतिनिधि के नाम एवं तस्वीर का प्रयोग नहीं किया जायेगा।
नोट:- सभी योजनाओं में आवेदन करने की समय-सीमा 01 वर्ष नियत है।